यह इलाज क्या है?
डेंटल इम्प्लांट टाइटेनियम का एक छोटा पेंच होता है जो जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है। यह हड्डी से जुड़कर असली दांत की जड़ की तरह काम करता है, और इसके ऊपर कैप, ब्रिज या डेंचर लगाया जाता है।
इम्प्लांट के लिए आसपास के दांतों को घिसना नहीं पड़ता, यह जबड़े की हड्डी को बचाए रखता है, और आप आराम से चबा और मुस्कुरा सकते हैं।
इलाज कैसे होता है
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परामर्श और योजना
जांच और एक्स-रे से हड्डी, मसूड़े और इम्प्लांट की सही जगह देखी जाती है।
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इम्प्लांट लगाना
सुन्न करके छोटी और सटीक प्रक्रिया में इम्प्लांट लगाया जाता है।
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भरने का समय
अगले कुछ हफ़्तों में इम्प्लांट हड्डी से जुड़ जाता है।
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एबटमेंट और कैप
जोड़ने वाला हिस्सा और दांत के रंग का कैप लगाकर नया दांत पूरा होता है।
इलाज के बाद देखभाल
- पहले कुछ दिन उस तरफ़ नरम खाना खाएं।
- उस जगह हल्के से ब्रश करें और फ़ॉलो-अप पर ज़रूर आएं।
- धूम्रपान न करें — इससे इम्प्लांट फ़ेल होने का ख़तरा काफ़ी बढ़ जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डेंटल इम्प्लांट कितने साल चलता है?
अच्छी सफ़ाई और नियमित जांच के साथ इम्प्लांट कई सालों तक — अक्सर दशकों तक — चलता है। ऊपर का कैप समय के साथ बदलना पड़ सकता है।
क्या ज़्यादा उम्र में इम्प्लांट लग सकता है?
सिर्फ़ उम्र रुकावट नहीं है। ज़रूरी है आपकी सेहत, मसूड़ों की हालत और जबड़े में पर्याप्त हड्डी।
क्या इम्प्लांट लगवाने में दर्द होता है?
प्रक्रिया सुन्न करके होती है। ज़्यादातर मरीज़ों को बाद में कुछ दिन हल्की तकलीफ़ ही होती है।