यह इलाज क्या है?
रूट कैनाल ट्रीटमेंट (RCT) में दांत के अंदर की संक्रमित नस (पल्प) को निकाला जाता है, नलियों को साफ़ और कीटाणु-रहित किया जाता है, और फिर सील कर दिया जाता है — ताकि आपका अपना दांत सालों तक चलता रहे।
आधुनिक रोटरी औज़ारों और अच्छी सुन्न करने वाली दवा की वजह से कोटद्वार के फैमिली डेंटल क्लिनिक में ज़्यादातर मरीज़ कहते हैं कि यह फ़िलिंग जितना ही आसान लगा।
इलाज कैसे होता है
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जांच और एक्स-रे
बीमारी की पुष्टि और जड़ों की नलियों का आकार देखा जाता है।
- 02
सुन्न करना
लोकल एनेस्थीसिया से दांत पूरी तरह सुन्न किया जाता है।
- 03
सफ़ाई और आकार देना
संक्रमित नस निकालकर नलियों को साफ़ और कीटाणु-रहित किया जाता है।
- 04
सील करना
नलियों को भरकर सील किया जाता है ताकि दोबारा संक्रमण न हो।
- 05
कैप (क्राउन)
इलाज किए दांत को टूटने से बचाने के लिए आमतौर पर कैप लगाने की सलाह दी जाती है।
इलाज के बाद देखभाल
- स्थायी फ़िलिंग या कैप लगने तक उस तरफ़ से सख़्त चीज़ें न चबाएं।
- एक-दो दिन हल्का दर्द सामान्य है; दवा सिर्फ़ डॉक्टर के बताए अनुसार लें।
- ब्रश और फ़्लॉस रोज़ की तरह करते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रूट कैनाल में दर्द होता है?
इलाज सुन्न करके किया जाता है, इसलिए दबाव तो महसूस होता है पर दर्द नहीं। असल दर्द संक्रमण का होता है — और यह इलाज उसी से राहत दिलाता है।
रूट कैनाल में कितनी बार आना पड़ता है?
ज़्यादातर रूट कैनाल एक या दो बार में पूरे हो जाते हैं — यह दांत और संक्रमण पर निर्भर करता है।
क्या रूट कैनाल के बाद कैप ज़रूरी है?
पीछे के दांतों में आमतौर पर कैप ज़रूरी होती है क्योंकि इलाज के बाद दांत कमज़ोर हो जाता है। डॉ. आकाश अग्रवाल बचे हुए दांत को देखकर सलाह देंगे।