"रूट कैनाल" सुनते ही बहुत लोग डर जाते हैं — लेकिन यह डर अब पुराना हो चुका है। आज रूट कैनाल आमतौर पर फ़िलिंग जितना ही आरामदायक होता है, और यह उस दांत को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है जो वरना निकालना पड़ता।
रूट कैनाल की ज़रूरत क्यों पड़ती है?
हर दांत के अंदर एक नरम हिस्सा होता है जिसे पल्प कहते हैं, जिसमें नसें और ख़ून की नलियां होती हैं। जब गहरी सड़न, दरार या चोट से बैक्टीरिया पल्प तक पहुंच जाते हैं, तो उसमें सूजन या संक्रमण हो जाता है। यही वह तेज़, देर तक रहने वाला दर्द है जो बहुत लोग महसूस करते हैं।
- ठंडा या गर्म पीने के बाद देर तक रहने वाला दर्द
- रात में नींद खोल देने वाला दांत दर्द
- मसूड़े या चेहरे पर सूजन
- दांत का भूरा या काला पड़ना
इलाज में क्या होता है
एक्स-रे और दांत सुन्न करने के बाद डॉक्टर एक छोटा रास्ता बनाते हैं, संक्रमित पल्प निकालते हैं, नलियों को साफ़ और कीटाणु-रहित करते हैं और फिर सील कर देते हैं। ज़्यादातर इलाज एक या दो बार में पूरे हो जाते हैं।
ख़र्च किन बातों पर निर्भर करता है?
रूट कैनाल का ख़र्च इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा दांत है (दाढ़ में सामने के दांतों से ज़्यादा नलियां होती हैं), संक्रमण कितना है, कितनी बार आना पड़ेगा और बाद में कौन-सी कैप चुनी गई। जांच के बाद अनुमान के लिए क्लिनिक में कॉल करें।
जल्दी ठीक होने के टिप्स
- पक्की कैप लगने तक उस तरफ़ से सख़्त चीज़ें न चबाएं।
- एक-दो दिन हल्का दर्द सामान्य है।
- दी गई दवाइयां ठीक वैसे ही लें जैसे बताया गया है।
- कैप के लिए फ़ॉलो-अप पर ज़रूर आएं।
अगर आप कोटद्वार या पौड़ी गढ़वाल में हैं और दांत का दर्द ठीक नहीं हो रहा, तो उसके बढ़ने का इंतज़ार न करें — जल्दी इलाज आसान होता है और आपका अपना दांत ज़्यादा बचता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, जांच या निदान नहीं। अपने दांतों के बारे में सलाह के लिए डेंटिस्ट से मिलें।