पौड़ी गढ़वाल के कई परिवारों के लिए डेंटिस्ट के पास जाने का मतलब है कोटद्वार तक लंबा सफ़र — लैंसडौन, सतपुली, दुगड्डा, रिखणीखाल या बीच के सैकड़ों गांवों से। जब क्लिनिक पहुंचने में आधा दिन लगे, तो दांतों की छोटी परेशानी अक्सर टल जाती है, जब तक वह दर्द वाली इमरजेंसी न बन जाए।
अच्छी बात यह है कि घर पर कुछ आसान आदतों और सोच-समझकर प्लान की गई जांच से आप परिवार के दांत स्वस्थ रख सकते हैं और ज़्यादातर इमरजेंसी से बच सकते हैं।
क्लिनिक दूर हो तो बचाव सबसे ज़रूरी
- दिन में दो बार फ़्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें — सुबह और सबसे ज़रूरी, सोने से पहले
- रोज़ फ़्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश से दांतों के बीच सफ़ाई करें
- मिठाई, बिस्कुट और मीठी चाय दिन भर के बजाय खाने के साथ ही लें
- तंबाकू, गुटखा और खैनी से बचें — ये पहाड़ों में मसूड़ों की बीमारी और मुंह के कैंसर की बड़ी वजह हैं
- भरपूर पानी पिएं, ख़ासकर ऊंचाई पर जहां हवा सूखी रहती है
कोटद्वार की हर यात्रा का पूरा फ़ायदा उठाएं
अगर आप वैसे भी कोटद्वार आ रहे हैं — बाज़ार, बैंक या किसी पारिवारिक काम से — तो साथ में दांतों की जांच भी करा लें। पहले से कॉल या व्हाट्सऐप कर दें ताकि हम समय तैयार रखें और इलाज ऐसे प्लान करें कि कम से कम बार आना पड़े।
- पूरे परिवार की जांच एक ही बार में कराएं — बच्चे और बुज़ुर्ग भी
- दवाइयों की लिस्ट और पुराने एक्स-रे या पर्चे साथ लाएं
- पूछें कि क्या इलाज कम लेकिन लंबी बैठकों में पूरा हो सकता है
- हर छह महीने में सफ़ाई कराएं ताकि समस्या जल्दी पकड़ में आए
कब इंतज़ार न करें
- चेहरे या जबड़े में सूजन, ख़ासकर बुख़ार के साथ
- तेज़ दांत दर्द जो दर्द की दवा से भी न रुके
- गिरने के बाद दांत निकल जाना या बुरी तरह टूट जाना
- दांत निकलवाने के बाद ख़ून जो रुक न रहा हो
देवी रोड, बालासौड़ पर फैमिली डेंटल क्लिनिक हफ़्ते के सातों दिन सुबह 10 से रात 8 बजे तक खुला रहता है, इसलिए आपको सिर्फ़ कामकाजी दिन देखकर आने की ज़रूरत नहीं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, जांच या निदान नहीं। अपने दांतों के बारे में सलाह के लिए डेंटिस्ट से मिलें।