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FamilyDentalबेहतर दंत देखभाल · कोटद्वार

कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल में इलाज

दांतों की सफ़ाई और मसूड़ों का इलाज

प्रोफ़ेशनल सफ़ाई से टार्टर हटता है, मसूड़ों से ख़ून आना रुकता है और सांस ताज़ा रहती है।

यह इलाज क्या है?

अच्छे ब्रश के बाद भी कुछ जगहों पर टार्टर (पीली-भूरी परत) जम जाता है जहां ब्रश नहीं पहुंचता। स्केलिंग और पॉलिशिंग से यह हट जाता है और मसूड़ों की बीमारी व मुंह की बदबू से बचाव होता है।

मसूड़ों से ख़ून आने या मसूड़े नीचे खिसकने पर हम डीप क्लीनिंग और मसूड़ों का इलाज करते हैं, साथ में घर पर देखभाल की योजना भी देते हैं।

इलाज कैसे होता है

  1. 01

    मसूड़ों की जांच

    मसूड़ों की सेहत देखी जाती है और समस्या वाली जगहें पहचानी जाती हैं।

  2. 02

    स्केलिंग

    अल्ट्रासोनिक मशीन से मसूड़ों के ऊपर और नीचे का टार्टर हटाया जाता है।

  3. 03

    पॉलिशिंग

    दांतों को चिकना किया जाता है ताकि परत दोबारा जल्दी न जमे।

  4. 04

    घर की देखभाल

    ब्रश और फ़्लॉस करने की आपके हिसाब से सलाह।

इलाज के बाद देखभाल

  • एक-दो दिन हल्की सेंसिटिविटी हो सकती है।
  • हर छह महीने में जांच और सफ़ाई के लिए आएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्केलिंग से दांत कमज़ोर होते हैं?

नहीं। स्केलिंग सिर्फ़ जमी हुई परत हटाती है, दांत नहीं घिसती। बाद में दांत अलग महसूस हो सकते हैं क्योंकि टार्टर हट चुका होता है।

दांतों की सफ़ाई कितनी बार करानी चाहिए?

ज़्यादातर लोगों के लिए हर छह महीने में एक बार प्रोफ़ेशनल सफ़ाई अच्छी रहती है।

आपको इसकी ज़रूरत हो सकती है अगर…

  • ब्रश करते समय मसूड़ों से ख़ून
  • मुंह से बदबू
  • दांतों पर पीली या भूरी परत
  • हर छह महीने की जांच

रोज़ खुला, सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक

समझ नहीं आ रहा कौन-सा इलाज चाहिए? डॉ. आकाश अग्रवाल से बात करें।